भीलवाड़ा सिटी  टेक्सटाइल नगरीtopjankari.com

भीलवाड़ा सिटी टेक्सटाइल नगरी

भीलवाड़ा सिटी टेक्सटाइल नगरी.

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भीलवाड़ा सिटी, राजस्थान के मेवाड़ का एक नगर है। राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में स्थित भीलवाड़ा राज्य के सबसे बड़े जिलों में से एक है और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। हालांकि, कई धार्मिक स्थलों की उपस्थिति के कारण यहां हिंदू धर्म के अनके श्रद्धालु भी आते हैं। भीलवाड़ा का इतिहास 11वीं शताब्दी से संबंधित है और उस समय यह क्षेत्र मेवाड़ राजाओं के अधीन था। हालांकि, इस जगह की स्‍थापना की असल तारीख और समय का अब तक पता नहीं चल पाया है। भीलवाड़ा सदियों से भील जनजाति का निवास स्थान रहा है। किवदंती कि इस शहर का नाम यहां की स्‍थानीय जनजाति भील के नाम पर पड़ता है जिन्‍होंने 16वीं शताब्‍दी में अकबर के खिलाफ मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की मदद की थी। तभी से इस जगह का नाम भीलवाड़ा पड़ गया।1948 में राजस्थान का भाग बनने से पूर्व भीलवाड़ा भूतपूर्व उदयपुर रियासत का हिस्सा था साहस और बलिदान की भूमि भीलवाड़ा वीर योद्धा महाराणा प्रताप की एक अद्भुत पहचान है।और भीलवाङा का नामकरण भील राजा श्री भलराज के नाम से पङा भीलवाङा के राजा श्री भलराज भील बहादुर शक्तिशाली निडर यौद्धा थे


भीलवाड़ा प्रमुख पर्यटक स्थल – Best Places In Bhilwara Tourism In Hindi

1. थला की माता जी देवली भीलवाड़ा शहर से 15 किलोमीटर दूर बनास नदी के किनारे बहुत पुराना और विशाल बढ़ा देवी का मंदिर है यह बहुत विख्यात है यहां पर बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए आते हैं यहां पर नवरात्रा में रामायण वह बड़े-बड़े कलाकारों का ताता लगा रहता है वह अष्टमी के दिन बड़े मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें राष्ट्रीय स्तर केेे कलाकार आते है वह अष्टमी के दिन देवली मैं भव्य जुलूस निकलता है बाद में माता जी के यहां पर आते हैं यहां पर आने के लिए भीलवाड़ा से पुर देवली से 2 किलोमीटर है।
2. चावण्डिया तालाब

भीलवाड़ा से 15किलोमीटर कोटा रोड़ कि तरफ चावंडिया तालाब स्थित है जहां तालाब के मध्य माता चामुंडा का मंदिर स्थित है। यहां हर वर्ष अक्टूबर से मार्च के मध्य विदेशी प्रवासी पक्षी आते है और इसी कारण इसे पक्षी ग्राम के नाम से जाना जाता है।यह पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के लिए बहुत ही सुन्दर जगह है। हर वर्ष ज़िला प्रशासन और कुछ संस्थाओं के द्वारा हर वर्ष पक्षी महोत्सव का आयोजन किया जाता है जहां देश विदेश से पक्षी विशेषज्ञ पक्षी अवलोकन के लिए आते है।

3.भीलवाड़ा आकर्षक स्थल बदनोर फोर्ट

भीलबाड़ा में घूमने लायक जगहों में बदनोर फोर्ट एक छोटी पहाड़ी पर स्थित हैं। भीलवाड़ा का यह किला सात मंजिला हैं और बदनोर किले में मध्यकालीन भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है। बदनोर फोर्ट भीलवाड़ा के आसींद रोड पर भीलवाड़ा से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित।


4. दर्शनीय स्थल क्यारा के बालाजी

भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में सुमार क्यारा के बालाजी पवन पुत्र हनुमान जी महाराजा को समर्पित एक आकर्षित मंदिर है। क्यारा के बालाजी के दर्शन करने के लिए पर्यटक यहां के अन्य मंदिर बीदा के माताजी मंदिर, पटोला महादेव मंदिर, घाट रानी मंदिर और नीलकंठ महादेव मंदिर जैसे अन्य स्थानों पर भी जा सकते हैं और क्यारा के बालाजी का दर्शन कर सकते हैं।

 

5. हरणी महादेव मंदिर
भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में से एक हरनी महादेव मंदिर राजस्थान के डारक परिवार के पूर्वजों द्वारा स्थापित किया गया एक शिव मंदिर हैं। जोकि शहर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सुरम्य पहाड़ियों से घिरा हुआ यह दर्शनीय स्थल पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध हैं।

6.गायत्री शक्ति पीठ
भीलबाड़ा में गायत्री शक्ति पीठ देवी शक्ति या सती जोकि हिंदू धर्म की महिला प्रमुख और शक्ति संप्रदाय के मुख्य देवी के रूप में जानी जाती हैं की पूजा का स्थल हैं। गायत्री शक्ति पीठ भीलवाड़ा शहर में बस स्टैंड के पास ही स्थित है।

7.श्री चारभुजा नाथ मंदिर कोटड़ी
भीलबाड़ा में कई मंदिर स्थापित हैं जो भक्तो और पर्यटकों के लिए एक पवित्र स्थान हैं। इन्ही में से एक श्री चारभुजा नाथ का मंदिर हैं। भीलबाड़ा के राजसमंद में कोटड़ी तहसील में स्थित है। यह मंदिर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। श्री चारभुजा नाथ का मंदिर त्रिलोकीनाथ भगवान विष्णु को समर्पित हैं। श्रद्धालु दूर-दूर से भगवान विष्णु के दर्शन करने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं।


8. चामुंडा माता का मंदिर
भीलबाड़ा के दर्शनीय स्थलों में शामिल चामुंडा माता का मंदिर हरनी महादेव की पहाड़ियों पर स्थित एक आकर्षित स्थान है । आप यहां से शहर का पूरा दृश्य देख सकते है। चामुंडा माता का मंदिर भीलवाड़ा शहर से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

9.Menal Waterfall
भीलबाड़ा में घूमने लायक जगहों में सुमार मिनाल वॉटरफॉल एक खूबसूरत झरना हैं जहां पर्यटक भारी संख्या में आना पसंद करते हैं। यह भीलवाड़ा-कोटा मार्ग पर स्थित हैं और भीलबाड़ा से लगभग 80 किलोमीटर दूरी पर स्थित हैं। इस खूबसूरत झरने का पानी 150 मीटर ऊंचाई से गिरता हैं और जिससे यहां का एक सुंदर दृश्य दिखाई देता है। मीनल वाटरफाल घूमने के लिए राज्य के सभी कोनों से लोग जुलाई से अक्टूबर के महीने में आते हैं।

10. तिलस्वा महादेव मंदिर
भीलवाड़ा के दर्शनीय स्थलों में से एक तिलस्वा महादेव मंदिर बिजोलिया शहर से लगभग 15 किमी की दूरी पर स्थित हैं। यहां स्थित चार मंदिरों में से सबसे प्रमुख मंदिर  सर्वेश्वर (भगवान शिव) को समर्पित है। इन मंदिरों का निर्माण लगभग 10वीं और 11वीं शताब्दी में किया गया था। मंदिर परिसर में एक मठ, एक कुंड और एक तोरण भी है।

11.शाहपुरा
भीलबाड़ा में घूमने लायक स्थानों में यहां का शाहपुरा शहर भी प्रसिद्ध हैं। शाहपुरा और भीलवाड़ा के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर हैं। शाहपुरा में एक पवित्र मंदिर हैं जोकि राम द्वार के नाम से प्रसिद्ध हैं। देश भर के तीर्थयात्री इस तीर्थस्थल पर साल भर आते हैं। फूल डोल के नाम से प्रसिद्ध यहां का वार्षिक मेला फाल्गुन शुक्ल (मार्च-अप्रैल) में पांच दिनों के लिए लगता हैं।

 

 भीलबाड़ा जिला के प्रसिद्ध भोजन
 भीलबाड़ा आने वाला प्रत्येक टूरिस्ट यहां की प्रसिद्ध भोजन सामग्री का लुत्फ उठाना चाहेगा तो आइये हम आपको भीलबाड़ा के कुछ प्रसिद्ध फूड की जानकारी देते हैं। भीलवाड़ा शहर अपने मीठे और मसालेदार भोजन के लिए बहुत अधिक प्रसिद्ध है जिसमें भीलवाड़ा का स्थानीय स्वाद के रूप में यहां की गुलाब जामुन अतिप्रिय लगती है। मिनरल रिच एडिटिव्स के साथ संतुलित और पौष्टिक आइसक्रीम के अलावा पके अमरुद का गूदा, दूध, चीनी और एक चुटकी नमक के साथ लाल मिर्च पाउडर से गार्निश किया हुआ कुरकुरी और कुरकुरे वफर एक लाजवाब मीठी और थोड़ी मसालेदार आइसक्रीम है। इसके अलावा दाल बाटी चूरमा, कचौरी, भेलपुरी आदि भी यह यहां की प्रसिद्ध भोजन सामग्री हैं।

 

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