जंगली (वन्य) जीव के बारे में topjankari.com

जंगली (वन्य) जीव के बारे में

जंगली (वन्य) जीव के बारे में .

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संसार के विभिन्न भागों में बड़े-बड़े जंगल पाए जाते हैं । इन जंगलों में जंगली जीव निवास करते हैं । जंगली जीवों को अपने आवास से भोजन एवं सुरक्षा प्राप्त होती है । लेकिन जैसे-जैसे जंगल कटते जा रहे हैं वैसे-वैसे इनकी संख्या में कमी आती जा रही है |

जंगल में बड़े आकार वाले भयानक एवं हिंसक जीवों का निवास होता है । हाथी जंगल का एवं भूमि का सबसे बड़ा जीव है लेकिन यह शाकाहारी होता है । शेर, बाघ, भालू, चीता, लोमड़ी, अजगर आदि बड़े शरीर वाले जीव मांसाहारी होते हैं । शेर को जंगल का राजा माना जाता है क्योंकि यह बहुत शक्तिशाली होता है तथा इसकी चाल बड़ी रोबीली होती है । वन में हाथी ही एकमात्र जीव है जो इसका सामना करने की सामर्थ्य रखता है । इसीलिए मनुष्य हाथी पर सवार होकर जंगल भ्रमण पर निकलते हैं । हाथियों को देखकर शेर उनके पास नहीं आता है ।

जंगल में जहाँ बड़े खूँखार जीव रहते हैं वहीं जिराफ हिरन नीलगाय बंदर जैसे शाकाहारी जीवों की संख्या भी कम नहीं होती । शाकाहारी जंगली जीव वन में उपलब्ध हरी पत्तियों फलों एवं घास खाकर जीवित रहते हैं । मांसाहारी हिंसक जीव अपेक्षाकृत छोटे या कम शक्तिशाली जीवों का शिकार करते हैं एवं उनका मांस खाते हैं । इस प्रकार जंगल में आहार की एक संतुलित शृंखला है जो जंगल के अस्तित्व को बनाए रखने में मदद करती है ।

वन्य प्राणियों में विभिन्न प्रकार के पक्षियों एवं सरीसृपों का भी प्रमुख स्थान होता है । जंगलों में तोता, मोर, कौआ,कबूतर, चील, बाज, मैना, गौरैया जैसे सभी प्रमुख पक्षी निवास करते हैं । इनके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के साँप, बिच्छू, गिलहरी एवं भयंकर आकृति वाले कीड़े यहाँ बड़ी संख्या में रहते हैं । मधुमक्खियाँ तितलियाँ भौरई बर्रे जैसे उड़ने वाले कीट-पतंगे वन की शोभा बढ़ाते हैं ।

जंगल में चारों ओर हरियाली होती है । यहाँ भांति- भांति के पेड़ होते हैं जिन पर पक्षियों, बंदरों, गिलहरियों, साँपों आदि का निवास स्थान होता है । बंदर पेड़ की शाखाओं पर रहता है, पक्षी पड़ा पर घोंसला बनाते हैं, साँप पेड़ के कोटरों में रहते हैं । हाथी, नीलगाय, जिराफ, हिरन जैसे जीव किसी अनुकूल स्थान पर अपने-अपने समूहों में रहते हैं । शेर गुफा में रहना पसंद करता है । पानी के लिए जंगली जीव जंगल के झरनों, तालाबों या नदियों पर निर्भर होते हैं ।

जंगली जीव न केवल जंगल की शोभा बढ़ाते हैं, अपितु इसकी रक्षा भी करते हैं । परंतु औद्‌योगीकरण एवं अन्य मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पिछले कुछ दशकों में जंगलों का भारी विनाश हुआ है । परिणामस्वरूप जंगली जीवों का जीवन संकटग्रस्त हो गया है । कई जंगली जीव तो ऐसे हैं जिनकी जाति ही नष्ट होती जा रही है ।

ज्यों-ज्यों वन सिकुड़ते जा रहे हैं, त्यों-त्यों इनके अस्तित्व पर खतरा मँडराता जाता है । विलुप्त होते जा रहे जंगली जीवों को बचाने के लिए सरकार ने कठोर नियम बनाए हैं । दुर्लभ जंगली जीवों के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है । इन्हें समुचित आवास उपलब्ध कराने तथा संरक्षित रखने के लिए देश भर में वन्य जीव अभयारण्यों तथा प्राणी उद्‌यानों की स्थापना की गई है ।

कुछ लालची लोग अपने तात्कालिक लाभ के लिए दुर्लभ जंगली जीवों को मार देते हैं । बाघों को उनकी खाल के लिए, हाथियों को उनके दाँत के लिए, कस्तुरी मृगों को कसूरी के लिए तथा कुछ जन्तुओं को मांस के लिए मौत की नींद सुला दिया जाता है । कुछ जंगली जीव जब स्वभाववश वन से बाहर निकलकर खेतों में भटकते हैं तो ग्रामीण लोग उन्हें मार डालते हैं । इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है ।

जंगली जीवों की सुरक्षा का सर्वोत्तम उपाय है वनों के क्षेत्रफल में वृद्धि करना । यदि विस्तृत वन क्षेत्र होंगे तो वन्य प्राणी उसमें स्वच्छंदतापूर्वक निवास कर सकते हैं । अत: इस दिशा में गंभीरतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है ।

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